उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में शासन चलाना केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं,
बल्कि भौगोलिक चुनौतियों, सीमित संसाधनों और जनता की बढ़ती अपेक्षाओं के बीच
संतुलन बनाने की कला भी है। ऐसे राज्य में यदि कोई
सरकार अपनी स्पष्ट कार्यशैली, त्वरित निर्णय क्षमता
और विकासोन्मुख दृष्टिकोण के कारण चर्चा में रहती
है, तो वह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व
वाली सरकार है। अपेक्षाकृत कम उम्र में राज्य की
कमान संभालने वाले धामी ने बीते वर्षों में कई ऐसे
फैसले लिए हैं, जिन्होंने उन्हें केवल एक राजनीतिक
नेता नहीं, बल्कि निर्णायक नेतृत्व के रूप में स्थापित
किया है। धामी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों
में पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती व्यवस्था स्थापित
करने का प्रयास प्रमुख रूप से सामने आता है।
उत्तराखंड में लंबे समय तक भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों और पेपर लीक की घटनाओं
ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया था। सरकार ने इस चुनौती को गंभीरता से लेते हुए
देश के सबसे सख्त नकल विरोधी कानूनों में से एक कानून लागू किया। इसके बाद
भर्ती प्रक्रियाओं को तेज गति से आगे बढ़ाया गया और हजारों युवाओं को सरकारी
सेवाओं में अवसर मिले। इससे न केवल युवाओं का विश्वास लौटा, बल्कि यह संदेश
भी गया कि प्रतिभा और मेहनत को प्राथमिकता देने वाली व्यवस्था विकसित की जा
रही है।
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का क्रियान्वयन धामी सरकार की सबसे चर्चित
और ऐतिहासिक उपलब्धियों में गिना जाएगा। उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना,
जहां यूसीसी को लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए। यह केवल एक कानूनी
बदलाव नहीं, बल्कि समानता और एकरूपता की अवधारणा को मजबूत करने वाला
निर्णय माना गया। इस पहल ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड को विशेष पहचान दिलाई
और राज्य को नीति निर्माण के अग्रणी राज्यों में शामिल किया।
धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा पर्यटन विकास के क्षेत्र में भी सरकार
ने महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। चारधाम यात्रा उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और पहचान
का प्रमुख आधार है। यात्रा प्रबंधन को अधिक सुव्यवस्थित बनाने, सड़क संपर्क सुधारने,
श्रद्धालुओं की सुविधाएं बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार
प्रयास किए गए हैं। इसके परिणामस्वरूप हर वर्ष रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु राज्य पहुंच
रहे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों
तक विकास पहुंचाने के लिए अनेक परियोजनाओं को गति दी गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में
कनेक्टिविटी बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों ने विकास
को अधिक समावेशी बनाने में मदद की है।
संपादकीय निर्णय, विकास और भरोसे की राजनीति
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